मथुरा वृंदावन।
काशी विद्वत परिषद पश्चिमी भारत प्रभारी कार्ष्णि नागेंद्र महाराज ने सामयिक टिप्पणी में कहा है कि बड़़े हर्ष का विषय है कि बाबरी विध्वंस के मामले में 28 साल बाद यह फैसला आया है। आरोप लगे थे कि सुनियोजित तरीके से बाबरी को ध्वस्त किया गया लेकिन ऐसा नहीं था। उन्होंने कहा कि लोगों में एक उत्साह था धर्म और राम के प्रति एक निष्ठा और उनके मंदिर को तोड़कर वहां मस्जिद बनाई थी इसीलिए लोगों में आक्रोश था यह सब अचानक से ही हुआ और न्यायपालिका का यह निष्पक्ष फैसला जिसका हम सब लोग स्वागत करते हैं।श्रीराम मंदिर पुनरुद्धार के सभी देवतुल्य 32 नायकों को बरी किया गया यह न्यायपालिका की जीत है। सत्य और धर्म की जीत है।
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