बिल्सी-कोरोना के जंग में कर्तव्य पथ पर अडिग रहते हुए एक जोगी सीएम ने राज धर्म को सर्वोपरि माना पूज्य जन्मदाता की अंत्येष्टि में भी शामिल नहीं होने का कठोर निर्णय लिए टीम 11 की मीटिंग के दौरान पूज्य पिता की मौत की सूचना मिलने पर भी कर्तव्य पथ से विचलित नहीं हुए नम आंखों से देश प्रदेश के अवाम की चिंतामन में सजाएं उन्हें बचाए रखने की लड़ाई को सर्वोपरि माना शायद आप लोगों को याद भी होगा फरवरी 1994 में श्री योगी जी महाराज श्री गोरक्ष पीठ के उत्तराधिकारी बने थे तब से लेकर आज तक कभी अपने जन्म स्थान की ओर मुड़ कर भी नहीं देखे गोरखपुर और पूर्वांचल में और बिहार तक कई वर्षों से मस्तिष्क ज्वर की महामारी से ग्रस्त था इस महामारी को जड़ से खत्म करने के लिए उन्होंने बहुत संघर्ष किया गोरखपुर माफियाओं की धरती के रूप में विश्व विख्यात थी एक जीवंत और साहसिक संघर्ष के द्वारा माफियाओं से मुक्त कराएं शायद पूर्वांचल के लोग इसे कई जन्मों तक भूल नहीं पाएंगे ईश्वर उनके पूज्य जन्मदाता के दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें एक सन्यासी के लिए समस्त जन की भलाई ही मूल्य है ऐसा प्रदेश ने देख भी लिया अतः समस्त प्रदेशवासियों से करवत निवेदन है कि दिनांक 21 अप्रैल 2020 को सायं 6:00 बजे अपने अपने घरों के दरवाजे पर या बालकनी में सपरिवार खड़े होकर दिवंगत पिता की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन धारण करें जिससे परम पूज्य श्री गोरक्ष पीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति मिल सके और ऐसे यशस्वी पुत्र को जन्म देने वाले पिता को शत शत नमन किया जा सके
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