बदायूं।
गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र पर पितृ अमावस्या पर तर्पण के साथ पंचयज्ञ का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने मां गायत्री, युगऋषि वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा का पूजन किया। लोकमंगल की कामना की गई।
शक्तिपीठ परिब्राजक सचिन देव ने वेदमंत्रोच्चारण कर तर्पण संस्कार संपन्न कराया। उन्होंने कहा कि संसार में स्थूल शरीर वाले को जिस प्रकार भोग वासना तृष्णा एवं अहंकार की पूर्ति में सुख मिलता है। उसी प्रकार पितरों को सूक्ष्म शरीर शुभ कर्मों से उत्पन्न सुगंध का रसास्वादन करते हुए तृप्ति का अनुभव करते हैं। उनकी प्रसन्नता और आकांक्षा का केंद्र बिन्दु श्रद्धा और आस्था है।
गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि पितरों की प्रसन्नता के लिए श्राद्ध और तर्पण किए जाते हैं। पितर अपनी अशांति खोकर आनंद का अनुभव करते हैं। श्रद्धा ही इनकी भूख है। देव तर्पण, ऋषि तर्पण, मानव तर्पण, दिव्य तर्पण और पितृ तर्पण करके अपने पितरों के प्रति सम्मान की भावना रखें।
शक्तिपीठ पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह राजपूत, कृष्णपाल सिंह, सुशील कुमार गुप्ता, तेजपाल सिंह, संजीव शर्मा, सुमित सक्सेना, ममता पाल आदि ने यम देवता के पूजन, पितृ आह्वान के साथ ब्रह्मयज्ञ, देवयज्ञ, पितृयज्ञ के साथ भूतयज्ञ पंचबलि में विभिन्न योनियों में संव्याप्त जीव चेतना की तुष्टि के लिए गोबलि, कुक्करबलि, काकबलि, देवादिबलि और पिपीलिकादिबलि आदि को भोज्य पदार्थ खिलाकर पवित्रता, कत्र्तव्यनिष्ठा, मलीनता, देवत्व और श्रमनिष्ठा व सामूहिकता के प्रतीकों सम्मान किया।
अपने पितरों के सम्मान में तर्पण किया। इस मौके पर मदनलाल झा, यशवीर सिंह, राजेश्वरी, प्रज्ञा आदि ने सहयोग प्रदान किया।
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