दातागंज/बदायूं ।
भ्रष्टाचार सरेआम दातागंज क्षेत्र में एक सरकारी गिरोह सक्रिय। युवा मंच संगठन ने किया विरोध ।
युवा मंच संगठन के अध्यक्ष ध्रुव देव गुप्ता के द्वारा अवगत कराते हुये मांग की जाती है कि बदायूँ के दातागंज क्षेत्र में एक सरकारी गिरोह सक्रिय है जो व्यापरियों से पैसे उगाही में लगा रहता है। इस गिरोह का सरगना है एक फ़ूड इंस्पैक्टर ।
ध्रुव देव गुप्ता ने बताया है कि बदायूँ दातागंज क्षेत्र में फ़ूड इंस्पैक्टर जितेंद्र कुमार दातागंज क्षेत्र के छोटे बड़े व्यापरियों के लिये वो खून चूसने वाली मशीन बन चुके है, जो लॉकडाऊन के समय कोरोना संक्रमण में व्यस्त आला अधिकारी की नज़रन्दाज़गी का फायदा उठाकर पूर्ण रूप से व्यापारियों के शोषण पर उतारू है, लॉकडाऊन के समय में भी हर तरह से पैसा उगाही करने के बारे सोंचते रहते हैं, जिसमें सफलता भी हासिल हुई। जब दुकाने खुल रही थीं, तब इंस्पैक्टर जितेंद्र कुमार ने सैकड़ो व्यापारियों की दुकानों गोदामों में छापेमारी की और सैम्पल भरने के नाम दुकान को सीज करने मुकद्दमा दर्ज करवाने आदि की धमकी के नाम का प्रेशर बना कर सांठगांठ की और लाखों रुपये नाजायज रूप से अर्जित किये। जब लोगों ने इसका विरोध किया शिकायत जिलाधिकारी से मीडिया में खबर प्रकाशित हुई तो इन्होंने दूसरा तरीका अपनाया अपने साथ दातागंज तहसील के कई कर्मचारियों को मिलाया और दातागंज तहसील की सरकारी एक कार एवं अन्य निजी कार से तीन चार लोगों का गुट बना कर फिर प्लांनिग के साथ व्यापारियों की गाड़ियों को रोक कर चैक करना प्रारंभ कर दिया। जिस पर इनकी चली उससे पैसे की उगाई की और जाने दिया ।
ऐसी एक घटना हुई कलान कि किराना व्यापारी मुकेश गुप्ता की गाड़ी अपने गोदाम से बेसन, दाल, रिफाइंड, आदि की सप्लाई लेकर कस्वा म्याऊं आयी थी, फिर क्या था म्याऊं में जितेंद कुमार को भनक लग गयी और वे दातागंज के नायब तहसीलदार की टीम को लेकर मौके पर पहुंच गये, गाड़ी के चालक से कागज माँगे, चालक ने कागज दिखाये इसके बाद चालक से कागज लेकर चालक को को खूब पीटा और गाली दी साथ ही अपनी पुरानी परम्परा के अनुसार जेल भेजने की धमकी दी फिर शुरू की गई सांठगांठ के तहत पैसे माँगने की परंपरा चालक से कहा कि मालिक से बोल 20 हज़ार रुपये नहीं दिए तो सब माल सीज कर मुकद्दमा लिख गाड़ी सीज की जायेगी और तुझे जेल भेजा जायेगा। व्यापारी ने तुरंत इसकी सूचना एसडीएम दातागंज कुँवर बहादुर सिंह को दी तो वहाँ भी इस बात का कोई असर नहीं हुआ, अंत में व्यापारी ने राज्यमंत्री सुरेश खन्ना की चौखट खटखटाई तो मंत्री ने इस घटना को गम्भीरता से लिया और इसकी जानकारी ली और जिला प्रशासन के लिये जांच कर कार्यवाही के निर्देश दिये । चूँकि मामला मंत्रीजी से जुड़ा होने की वजह से आनन फानन में उसकी जांच एसडीएम कुँवर बहादुर को ही सौपी गई। मतलब जिस क्षेत्र की घटना, जिस विभाग की शिकायत उसी के विभाग के अधिकारी को जांच सौंप दी गयी, जांच रिपोर्ट में गाड़ी चालक जो पूर्ण रूप से निर्दोष उसे निलंबित कर दिया गया। मजे की बात यह रही कि इस पूरे गिरोह का सरकारी कर्मचारी जिसके नाम दर्ज़नो शिकायते है इसी तरह की जितेंद कुमार को प्रशासन ने बचा लिया क्योंकि इन फ़ूड इंस्पैक्टर के पास इस पूरे व्यापारियों के शोषण में लिप्त सभी की हिस्सेदारी का काला चिठ्ठा है। इसलिये इन्हें बार बार छोड़ दिया जाता है और बदायूँ के डीओ इस पर बोलते है कि जिलाधिकारी से कहिये मैं इसमें कुछ नही कह सकता जितेंद्र नही मानते तो मै क्या करूँ ।
युवा मंच संगठन व्यापारियों के साथ शोषण अन्याय का विरोध करता है। जहाँ लॉकडाउन में व्यापारी, जनता सब त्राहि त्राहि कर रही ऐसे में कुछ अधिकारिगण एवं कर्मचारीगण अपनी करतूतों से बाज नही आ रहे है पैसे का लालच, पैसे की हबश ने इनमें से मानवता को भी कलंकित कर दिया है। ड्राईवर को निलंबित किया जाना सरासर गलत है। इसमें गलती ड्राइवर को निलंबित कर अधिकारियों ने खानापूर्ति कर दी, यह जांच गलत है। संगठन इसकी कठोर निंदा करता है और संगठन इस विषय पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को फोन कर इस संदर्भ में वार्ता कर इस संदर्भ को अवगत करायेगा एवं पत्राचार के माध्यम से इस विषय को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को भी अवगत कराएगा ।
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